2019 का पहला सूर्यग्रहण(Surya grahan 2019) आज है। भारतीय समय के अनुसार सूर्यग्रहण सुबह 5 बजकर 4 मिनट से शुरू होकर 9 बजकर 18 मिनट तक चलेगा। हालांकि यह आंशिक सूर्यग्रहण है भारत और आसपास के देशों में नहीं दिखाई देगा। जापान, कोरिया, रूस समेत अन्य कुछ देशों में यह नजर आएगा। नैनीताल में आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान एवं शोध संस्थान (एरीज) के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डॉ.बृजेश कुमार ने बताया कि 2019 का यह पहला सूर्यग्रहण है। आंशिक सूर्यग्रहण दौरान सूरज के कोरोना का अध्ययन करना संभव होता है। हालांकि पृथ्वी से कोरोना देखने और अध्ययन की सही स्थिति पूर्ण सूर्य ग्रहण होने पर ही मुफीद रहती है। यह सूर्यग्रहण जापान, कोरिया, मंगोलिया, ताइवान, रूस समेत विश्व के अन्य हिस्सों में देखा जा सकता है।

क्या है आंशिक सूर्यग्रहण
पृथ्वी और चंद्रमा, सूर्य के सीध पर हों और चंद्रमा, पृथ्वी और सूरज के बीच से गुजर रहा है, तो तब ग्रहण की स्थिति बनती है। चंद्रमा, पृथ्वी और सूरज के बीच आने से सूरज का कुछ हिस्सा नजर नहीं आता है। जिसे आंशिक सूर्य ग्रहण कहा जाता है।

साल 2019 में पूरे वर्ष में तीन सूर्यग्रहण पड़ने हैं। रविवार 6 जनवरी को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण इस साल का पहला होगा। अगला सूर्य ग्रहण 2 जुलाई और अंतिम व तीसरा सूर्यग्रहण 26 दिसंबर को है। भारत में केवल तीसरा यानी 26 दिसंबर 19 का सूर्य ग्रहण साफतौर पर दिखाई देगा।

प्रभाव वाले क्षेत्रों में सामाजिक-राजनैतिक अस्थिरता का योग
नैनीताल। रविवार को सूर्यग्रहण शुरू होने के समय अमावास्या रहेगी। शनिवार को होने वाली अमावस्या का असर होने से इसका खासा धार्मिक महत्व भी हो गया है। कथावाचक आचार्य कैलाश चंद्र सुयाल ने बताया कि शनि सूर्य का पुत्र भले ही हो लेकिन उनके परस्पर संबंध सही नहीं बताए गए हैं। शनि अमावस्या के खगोलीय संयोग से संबंधित क्षेत्र में सामाजिक, राजनैतिक अस्थिरता के योग बन सकते हैं हालांकि भारत में ग्रहण नहीं दिखाई देने से इसका असर न्यून रहेगा|